Friday, 6 May 2016


...…बातचीत के क्रम में मुझे एल्लेशरीन जी से ज्ञात हुआ कि उनकी बड़ी बेटी इस समय कॉलेज में है।इस पर मैंने पूछा कि बगैर स्कूल गये कॉलेज में उसका एडमिशन कैसे हुआ? इस पर उन्होनें बताया कि CBSE और ICSE के समानांतर दो ऐसे बोर्ड हैं जो होम स्कूलिंग या ऑल्टरनेटिव स्कूल से पढ़ने वाले बच्चों के दसवीं एवं बारहवीं के बोर्ड की परीक्षा कराता है।वो है-National Institute of Open Schooling (NIOS; राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान), formerly National Open School और International General Certificate of Secondary Education (IGCSE) । NIOS सबको शिक्षा देने के भारत सरकार के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए स्थापित संस्था है।यह बोर्ड हिन्दी और इंग्लिश दोनों माध्यम से परीक्षा कराती है।IGCSE अंतराष्ट्रीय संस्था है यह केवल इंग्लिश माध्यम से परीक्षा लेती है। उन्होनें बताया कि प्रारंभ में इस प्रयोग को लेकर डर लगा था लेकिन अब जब मेरा छोटा बेटा 8 साल का है मैं पूरी तरह से निश्चिंत हूँ। और ये निश्चिंतता इसलिए भी है क्योंकि मुझे पता है कि मेरे बच्चे Unconditional Love वाले वातावरण में सीख रहे हैं।मैं अपने बच्चों को सीखने के लिए कभी नही कहता बस हम बच्चों के तीन ‘A’ Attention Alertness और Awareness पर काम करते हैं।बाकी सबकुछ सहज तरीके से हो जाता है। क्रमशः आगे…..


प्रभाकर पाण्डेय
सहायक प्राध्यापक
वैकल्पिक शिक्षा केंद्र (साँची विश्वविद्यालय)

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